Monday, 16 May 2016

3 सेकंड में कन्फर्म कर रहे थे तत्काल टिकट, पढ़ें कैसे HACK की IRCTC

3 सेकंड में कन्फर्म कर रहे थे तत्काल टिकट, पढ़ें कैसे HACK की IRCTC

गर्मी की छुट्टियों में लोगों को वेटिंग टिकट मिल रही है लेकिन दलालों ने ऐसा सॉफ्टवेयर बना डाला जो महज

तीन सेकंड में तत्काल का कन्फर्म टिकट दे देता। तत्काल कोटे में बुकिंग शुरू होते यात्रियों को वेटिंग टिकट

मिलने लगे तो रेलवे सुरक्षा बल ने मिशन तत्काल चलाया और दलालों की कारस्तानी सामने आ गई।

- रेलवे सुरक्षा बल ने जोधपुर मंडल के जोधपुर, बाड़मेर, नागौर, कुचामन सिटी व जालोर में छापेमारी की तो 11

दलाल पकड़े गए।

- आरपीएफ को सॉफ्टवेयर की मदद से आईआरसीटीसी की वेबसाइट में सेंध की जानकारी मिली थी।

- इस पर निरीक्षक नानूराम व उप निरीक्षक प्रदीप कुमार ने निजी आईडी से टिकट बनाकर बेचने वाले दीपक

राठी व किशोर सिंह को पकड़ा।

- किशोर के कंप्यूटर में टी ब्रांड का एक सॉफ्टवेयर मिला।

- इसकी पड़ताल की तो पता चला कि इससे एक ही समय में एक साथ कई आईडी से तत्काल टिकट बुक हो

सकते हैं। वह भी चंद सेकंड में।

जोधपुर में पकड़े गए दलाल के पास टी ब्रांड का तत्काल सॉफ्टवेयर मिला जो चंद ही सेकंड में एक साथ करीब

25 यूजर आईडी से तत्काल के टिकट बुक करता था। पकड़े गए आरोपियों ने अब तक 63.37 लाख रुपए के 4

हजार 781 टिकट बुक किए हैं। बाकी जगह पकड़े गए दलाल व्यक्तिगत यूजर आईडी से टिकट बुक कर यात्रियों

को बेच रहे थे। इन्होंने सॉफ्टवेयर की मदद से 1102 टिकट बनाई थी। इनके पास 22 निजी आईडी हैं।

टी ब्रांड सॉफ्टवेयर में एक साथ 20 से 25 यूजर आईडी फीड की जा सकती है। साथ ही रिजर्वेशन स्लीप भी भर दी

जाती है। पेमेंट के लिए भी पहले से गेट-वे तक के लिए इन्फार्मेशन फीड होती है।

आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर बुकिंग शुरू होते ही यह सॉफ्टवेयर पहले से फीड आईडी के माध्यम से टिकट

बुक करता है। सॉफ्टवेयर डाटा को द्रुत गति से वेबसाइट पर हीट करता है और तीन सैकंड में पेमेंट गेट-वे तक

का पूरा प्रोसेस कर कंफर्म टिकट बुक कर लेता है। इस सॉफ्टवेयर की वेबसाइट पर भी दिया गया है कि यह

कैप्चा के कारण अटकता नहीं है और एक बार लॉग इन करते ही एक साथ कई आईडी से टिकट बुक कर

सकता है।

आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त रजनीश त्रिपाठी ने बताया कि यह सॉफ्टवेयर एक साथ कई टिकट

बुक करने में सक्षम पाया गया है। आईआरसीटीसी के प्रवक्ता संदीप दत्ता का कहना है कि ऐसा संभव नहीं है।

यदि आरपीएफ ने पकड़ा है तो जानकारी लेकर इसकी जांच की जाएगी।



ग्राहक पंचायत ग्वालियर द्वारा जब इस सम्बन्ध मै पड़ताल की गइ तो पता चला की संपूर्ण , भारत , मध्य प्रदेश

में भी यह गोरख धंधा चल रहा हैं , इस प्रकार की कोई घटना सामने आने पर तत्काल रेलवे के वरिष्ठ

अधिकारियो को सुचना देकर कारवाही करवानी चाहिए , ग्राहक हित मै अधिकतम शेयर करें !

अजय भोसरेकर

ग्राहक पंचायत

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